विकसित भारत 2047 का स्वप्न: ‘‘देश को बदलने की पहल में श्रमिक महिलाओं का संघर्ष’
Abstract
विकसित भारत 2047’’ का स्वप्न केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, लैंगिक समानता और श्रम सम्मान पर भी आधारित है। इस परिप्रेक्ष्य में श्रमिक महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य देश के विकास में श्रमिक महिलाओं के योगदान, उनके समक्ष उपस्थित चुनौतियों तथा उनके संघर्ष की प्रकृति का विश्लेषण करना है। भारत में श्रमिक महिलाएं असंगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में कार्यरत हैं, जहां उन्हें न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है।यह शोध इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए श्रमिक महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, समान अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उनके संघर्ष को पहचानना और उन्हें नीति-निर्माण में उचित स्थान देना ही समावेशी और सतत विकास की कुंजी है।
कुंजी शब्द- विकसित भारत 2047, श्रमिक महिलाए, महिला सशक्तिकरण, असंगठित क्षेत्र, लैंगिक समानता, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता
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Copyright (c) 2026 Research Stream eISSN 3049-2610

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