दक्षिण एशिया की राजनीति: भारत की भूमिका

Authors

  • डा0 अरविन्द कुमार शुक्ल

Abstract

दक्षिण एशिया, जो भू-राजनीतिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक विविधताओं से परिपूर्ण है, विश्व राजनीति के एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र में भारत न केवल भौगोलिक दृष्टि से केंद्रीय स्थिति रखता है, बल्कि उसकी आर्थिक, सामरिक, और राजनीतिक शक्ति भी उसे एक प्रभावशाली राष्ट्र बनाती है। यह शोधपत्र दक्षिण एशिया की राजनीति में भारत की भूमिका का विश्लेषण करता है। इसमें भारत के पड़ोसी देशों, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान के साथ उसके संबंधों, क्षेत्रीय संगठनों जैसे सार्क और बिम्सटेक में उसकी भूमिका, तथा चीन एवं अमेरिका जैसे बाहरी शक्तियों के साथ संतुलन साधने की उसकी कूटनीति का विवेचन किया गया है। शोधपत्र यह भी विश्लेषण करता है कि भारत किस प्रकार दक्षिण एशिया में स्थिरता, शांति और विकास को बढ़ावा देने में योगदान कर रहा है, और किन आंतरिक एवं बाह्य चुनौतियों का सामना कर रहा है।
कीवर्ड- दक्षिण एशिया, भारत की विदेश नीति, क्षेत्रीय राजनीति, पड़ोसी देश, सार्क, भूटान नीति, भारत-पाक संबंध, भारत-चीन संतुलन, दक्षिण एशियाई सुरक्षा, भारत की भू-राजनीति

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Published

30-04-2025

How to Cite

डा0 अरविन्द कुमार शुक्ल. (2025). दक्षिण एशिया की राजनीति: भारत की भूमिका. Research Stream (eISSN 3049-2610), 2(1), 41–48. Retrieved from https://journalresearchstream.ijarms.org/index.php/rs/article/view/47

Issue

Section

Research Paper